मैं ओसीडी से स्थायी रूप से कैसे छुटकारा पा सकता हूं?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 17:11

ओ सी डी (OCD) होने पर कैसा लगता है ?

लिज “मुझे दूसरे लोगों से बीमारी हो जाने का भय बना रहता है। मैं कीटाँणुओं के संक्रमण से बचने के लिए घंटों घर की सफाई में व्यतीत करती है और अपने हाथों दिन में कई बार धोती रहती हूँ। जहाँ तक सम्भव हो मैं घर से बाहर नही निकलती। जब मेरे पति और बच्चे घर वापस आते हैं तो मैं वो कहाँ-कहाँ गये थे इस बात की विस्तृत जानकारी लेती हूँ कि वो किसी खतरनाक जगह जैसे अस्पताल तो नही गये। मैं उनसे उनके कपड़े उतार देने और भली-भाँति नहाने के लिए कहती हूँ। कभी-कभी मुझे अहसास होता है कि मेरे भय निरर्थक है। मेरे परिवार वाले इन बातों से बहुत परेशान हैं लेकिन इस परेशानी को इतना लम्बा समय हो गया है कि मैं इसको रोक नही सकती।”

जान “मेरा पूरा दिन जाँच पड़ताल मे व्यतीत होता है कि कुछ गड़बड़ न हो। मुझे सुबह घर से बाहर निकलने में अत्यधिक समय लग जाता है क्योंकि मैं सशंकित रहता हूँ कि मैने सारी खिड़कियाँ और विद्युत उपकरण बन्द किए हैं कि नहीं ,मै पाँच- छह बार देखता हूँ कि मैने गैस बन्द की है या नही पर फिर भी मुझे ठीक नही लगता तो मुझे सारे काम दुबारा से करने पड़ते हैं। अन्त मे मैं अपने सहकर्मियों से सारी चीजे दुबारा से जाँचने के लिए कहता हूँ। मैं अपने काम में भी सबसे पीछे रहता हूँ क्योंकि मैं काम को बार- बार करता हूँ। ताकि मुझसे कोई गलती न हो। अगर मैं ऐसा न करूँ तो मुझे असहनीय घबड़ाहट होती है। मुझे पता है कि यह बेवकूफी है लेकिन मैं ऐसा सोचता हूँ कि मुझसे कोई भयंकर भूल हो गयी तो मैं उसका जिम्मेदार होऊँगा।

डान “मुझे डर लगता है कि मैं अपनी बच्ची को नुक्सान न पहुँचा दूँ। मैं जानती हूँ कि मैं यह नही करना चाहती हूँ लेकिन बुरे विचार मेरे दिमाग में बार-बार आते रहते हैं। मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि कही मैं उसे चाकू न मार दूँ। इन विचारों से मुक्ति पाने का एक ही तरीका है कि मैं प्रार्थना करूँ और अच्छे विचार मन में लाऊँ जैसे कि “मैं जानती हूँ कि मैं उससे बहुत प्यार करती हूँ तब मैं थोड़ा सा अच्छा महसूस करती हूँ जब तक कि दुबारा मेरे दिमाग में वही भयानक तस्वीरें न आयें। मैने अपने घर की सारी नुकीली चीजें और चाकू छुपा दिए हैं। मैं अपने बारे में सोचती हूँ कि “मैं बहुत ही खराब माँ हूँ जो ऐसा सोचती हूँ। मैं अवश्य ही पागल हो जाऊँगी।“
ओ सी डी(OCD)के तीन मुख्य भाग होते हैं ?

विचार जो आपको चिन्तित करते हैं। (आब्सेशन)
चिन्ता/घबराहट जो आप महसूस करते है।
वो कार्य जो आप अपनी चिन्ता को कम करने के लिए करते हैं

आप क्या सोचते हैं (आब्सेशन) ?

विचार- एक शब्द, वाक्य या ध्वनि जो बुरी लगती हो, परेशान करती हो अथवा ईर्ष्या या निन्दापूर्ण हो। आप उसको न सोचने की कोशिश करते हैं लेकिन आप ऐसा कर नहीं पाते। आप चिन्ता करते हैं कि आप को कोई संक्रमण (कीटाणु, धूल या एच आई वी द्वारा या कैंसर) न हो जाय या आपकी लापरवाही से किसी को नुकसान हो सकता है।
दिमाग में तस्वीरें – जो दिखाती हैं कि आपके परिवार में किसी की म्रृत्यु हो गयी है, या आप उग्र व्यवहार कर रहे है। सेक्स सम्बन्धी जो आपके व्यक्तित्व से मेल न खाती हो, चाकू भोकतें हुये या गाली देते हुये या धोखाधड़ी करते हुये। हम जानते है कि जिन लोगों की आब्सेशन होता है वे उग्र नही होते, ना ही विचार के अनुरूप काम करते हैं।



संदेह/शंका- आप घंटों विस्मित रहते कि कही आपसे कोई एक्सीडेंट तो नही हो गया या आपसे किसी को नुक़सान पहुंचाया आप चिन्तित रह सकते हैं कि अपनी कार से किसी को टक्कर मार दी है या आपने अपने घर की खिड़की और दरवाजे खुले छोड़ दिये हैं।
चिन्तायें- आप अपने आप से लगातार बहस करते हैं कि इस कार्य को करुँ या उस कार्य को करुँ। इस प्रकार आप छोटा सा निर्णय भी नहीं कर पाते।
पूर्णतावाद - दूसरे लोगों की अपेक्षा आप ज्यादा परेशान हो जाते हैं यदि चीजे बिल्कुल सही ढंग से सही अनुपात में या सही जगह पर न हो। उदाहरण के लिए अगर किताबें अलमारी ठीक ढंग से न रखी हों।

घबराहट जो आप महसूस करते है(भावनायें)

आप तनावग्रस्त, परेशान, भयभीत, अपराधबोध से ग्रसित या दुखी महसूस करते हैं
कम्पल्सिव कार्य या कर्मकांड करने के बाद आप अच्छा महसूस करते हैं लेकिन यह ज्यादा देर तक नही रहता।

आप क्या करते है (कम्पलशन) –

आब्सेशन को सुधारने वाले विचार आप के मन में वैकल्पिक प्रभावहीन करने वाले विचार आते हैं जैसे बार-बार गिरना, प्रार्थना करना या किसी विशेष शब्द को पढ़ना।
कर्मकांड (प्रथा) - आप अपने हाँथ बार-बार धोते है, काम को सावधानीपूर्वक और धीरे-धीरे करते हैं चीजों को व्यवस्थित करते है और किसी कार्य को कुछ विशेष तरीके से करते हैं। आपको कही जाने और किसी कार्य को सफलपूर्वक करने में अत्यधिक समय लगता है।
जाँच - अपने शरीर के सदूषण की, कि विद्युत उपकरणोंस्च बन्द है घर में ताले बन्द हैं अथवा सफर का रास्ता सुरक्षित है या नही।
परहेज – जो चीज आपको बुरे विचारों की याद दिलाये। की आप परहेज करते है किसी चीज को छूने से कुछ विशेष स्थानो पर जाने से कोई खतरा मोल लेने से या कोई जिम्मेदारी लेने से । उदाहरण के लिए आप रसोईघर में नहीं जाना चाहते क्योंकि आप जानते हैं कि वहाँ चाकू मिलेगी।
एक्त्रित करना – निरर्थक और खराब वस्तुएँ। आप कुछ भी चीज फेक नहीं पाते हैं।
आश्वासन - आप दूसरों से बार-बार पूछते हैं कि सब कुछ ठीक है या नही।

अगर आप कम्पल्सिवली जुआ खेलते हैं, खाते या पीते हैं तो क्या आपको ओ सी डी है ?

नहीं कभी-कभी उन लोगों को आब्सेसिव या कम्पल्शिव कहा जाता है। जो लोग जुआ खेलते हैं,शराब पीते हैं, नशीली दवाइयां इस्तेमाल करते हैं, या ज्यादा व्यायाम करते हैं लेकिन इस तरह का व्यवहार आन्नदायी भी हो सकता है। ओ सी डी के कम्प्लशन में कभी भी आनन्द की अनुभूति नही होती है और उनको हमेशा अप्रिय आवश्यकता या बोझ लगते हैं।

ओ सी डी कितना बुरा हो सकता है?

इसमें बहुत भिन्नता है अगर आपको लगातार ओ सी डी से लड़ना नही पड़ता तो आपके कार्य सम्बन्ध और पारिवारिक जीवन अधिक फलदायी एवं संतोषजनक हो सकता है। गम्भीर ओ सी डी में लगातार काम करना अपने पारिवारिक जीवन में भाग लेना और परिवार के साथ रहना असम्भव हो सकता है। विशेषकर अगर आप उनको भी अपने कर्मकाण्ड में शामिल करते हैं तो वो परेशान हो जाते हैं।


क्या ओ सी डी से ग्रसित लोग पागल होते हैं?

नही, अगर आप सोचते हैं कि दूसरे लोग आप को पागल समझेंगे तो आप मदद लेने से भागते हैं। यद्यपि आप चिन्ता करते हैं कि आप नियंत्रण खो देंगे लेकिन हम जानते हैं कि ओ सी डी से ग्रसित लोग ऐसा नही करते।


ओ सी डी से मिलती जुलती परेशानियाँ

बाडी डिस्मार्फिक डिसआर्डर (Body Dysmorphic Disorder) या काल्पनिक बदसूरती से तनाव आप विश्वास करते हैं कि आपके चेहरे के भाग या शरीर की बनावट सही नही है और उसको जाँचने के लिए घंटों शीशे के सामने खड़े रहते हैं या छुपाने का प्रयास करते है। यहाँ तक कि आप बाहर निकलना ही बन्द कर देते हैं।
अपने बालों या भौहों को नोचने की लालसा (ट्राइकोटिलोमेनिया)
गम्भीर शारीरिक बीमारी का भय जैसे कि कैन्सर (हाइपोकान्ड्रियसिस)
टूरेट सिन्ड्रोम वाले लोगों को (जहाँ ग्रसित व्यक्ति अचानक चीखता है या अनियन्त्रित झटके आते हैं) अक्सर ओ सी डी भी आते हैं।
कुछ विशेष किस्म के आटिस्म से ग्रसित बच्चे जैसे कि एस्पर्जर सिन्ड्रोम ओ सी डी से प्रभावित लग सकते हैं क्योंकि वे एक ही तरह की जाँच पसन्द करते हैं और एक ही काम को बार-बार करना चाहते हैं जिससे उनको कम घबराहट होती है।

ओ सी डी कब शुरू होती है?

बहुत से बच्चों को मामूली कम्प्लशन होते हैं। वे अपने खिलौने बहुत ही सुव्यवस्थित रखते हैं और फर्श की दरारों पर पैर रखने से बचते हैं ये प्रायः बच्चों के बड़े होने पर खत्म हो

जाता है। व्यस्क ओ सी डी अक्सर किशोरावस्था या 20-25 साल पर शुरू हो जाता है। लक्षण समय के साथ आ और जा सकते है लेकिन ग्रसित लोग मदद नही ढूँढते जब तक उनको कईसालों तक ओ सी डी ना रहे।


बिना इलाज या मदद के क्या सम्भावनायें हैं?

मामूली ओ सी डी वाले बहुत से लोग बिना इलाज के ही बेहतर हो जाते हैं। मध्यम से गम्भीर तीव्रता के ओ सी डी वालों में साधारणतया ऐसा नही होता है लेकिन किसी-किसी समय उनके लक्षण खत्म होते प्रतीत होते हैं। कुछ लोगों की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती है जब कि लोगों के लक्षण तनाव या उदासी के समय बढ़ जाते हैं। इलाज प्रायः मददगार होगा।


ओ सी डी के क्या कारण हैं?

जीन्स- ओ सी डी कभी-कभी आनुवांशिक होता है इसलिए कभी-कभी पीढ़ी दर पीढ़ी चल सकता है।

तनाव- एक तिहाई लोगों में यह जीवन की तनाव पूर्ण घटनाओं में हो सकता है।

जीवन में बदलाव- जिस दौरान अचानक जिम्मेदारी आती है जैसे यौवनारम्भ,बच्चे को जन्म देना या नयी नौकरी।

मस्तिष्क में बदलाव- हमको निश्चित तौर पर नही पता लेकिन अगर आपको थोड़े से ज्यादा समय तक ओ सी डी रहता है तो अनुसंधान कर्ताओं का सोंचाना है मस्तिष्क में सोरोटोनिन (5-एच टी) का असन्तुलन हो जाता है।

व्यक्तित्व- अगर आप बहुत साफ सुथरे अत्यधिक ध्यान से या व्यवस्थित तरीके से काम करने वाले और ऊँचे नैतिक सिद्धान्तों वाले व्यक्ति हैं तो आपको ओ सी डी होने की ज्यादा सम्भावना है | ये गुण प्रायः मददगार होते हैं मगर ब१०हुत ज्यादा बढ़ जाने पर ओ सी डी हो सकते हैं।

सोचनें का नजरिया- लगभग हम सभी को कभी न कभी अजीब या कष्टकारी विचार या चित्र आते हैं जैसे कि “ क्या होगा अगर मै कार के सामने आ जाऊँ ” या “ मै अपने को नुकसान पहुँचा दूँगा। ” हममें से ज्यादातर लोग शीघ्र ही ये विचार त्याग कर अपनी जिन्दगी जीते है लेकिन अगर आप ज्यादा सिद्धान्तवादी या जिम्मेदार व्यक्ति है तो आप महसूस कर सकते हैं कि इस तरह के विचार आना ही भयानक है ,इसलिए आप उस चीज के पुनः आने पर ज्यादा ध्यान देते हैं जिससे उनको ऐसा होने की सम्भावना भी ज्यादा होती है।
ओ सी डी किस कारण बनी रह्ती हैं?

आश्चर्यजनक रूप से कुछ तरीके जो आपको मदद करते है ही इसको बनाये रखने मे मदद कर सकते है।

अनचाहे विचारो को दिमाग से बाहर रखने की कोशिश – इससे प्रायः विचार वापस आ जाते है| आप अगले एक मिनट तक गुलाबी हाथी के बारे मे न सोचने की कोशिश करे – सम्भवतः आपके लिए कुछ और सोचना भी मुश्किल होगा।
कर्मकाण्ड, जाँच, आश्वासन खोजना या बचने से आपको कुछ देर के लिए कम घबराहट हो सकती है विशेषकर अगर आप महसूस करे कि इससे कुछ भयानक चीजे होने से रोक सकता है लेकिन जितनी बार आप ऐसा करते है आप का विश्वास मजबूत होता है कि यह बुरी चीजे होने से रोक सकते है। इसलिए आप उनको करने का और ज्यादा दबाव महसूस करते है।
प्रभावहीन करने वाले विचारो को सोचना- अगर आप परेशान करने वाले विचारों के वैकल्पिक विचार में (समय व्यतीत करते है) जैसे १० तक गिनना या तस्वीर (जैसे कि किसी व्यक्ति को जिन्दा और ठीक देखना) तो सोचना बन्द करिए और इन्तज़ार करिए जब तक आपकी घबराहट बन्द नही हो जाती।

अपनी सहायता करना

परेशान करने वाले विचारों का सामना करिए।
सुनने में अजीब लगता है लेकिन इन पर काबू पाने का यह भी तरीका है कि आप उन्हे रिकार्ड करिए और फिर से सुनिए या लिखिए और फिर से उन्हे पढ़िए। आप ऐसा प्रत्येक दिन लगातार लगभग आधे घंटे तक करिए जब तक कि आपकी घबराहट कम न हो।
कम्पल्सिव आदतों का विरोध करिए न की आब्सेशनल विचारों का।
घबराहट को कम करने के लिए शराब का प्रयोग न करें।
अगर आप के विचार आप के विश्वास या धर्म सम्बन्धी चिन्ताएं हैं तो आप किसी धार्मिक नेता कि मदद से जानने कि कोशिश करिए कि यह ओ0 सी0 डी0 तो नहीं है।
इस पुस्तिका के अन्त मे लिखे वेबसाइट या सहायता समूह से सम्पर्क कीजिए।
इस पुस्तिका के अन्त में लिखी किताबों में से स्वयं सहायता वाली एक किताब खरीदिए।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
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